चकिया बाजार में स्ट्रीट लाइटें बनीं ‘शोभा की वस्तु’, नागरिक परेशान

चकिया: चकिया बाजार के अधिकांश चौक-चौराहों पर लगी स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं, जिससे रात के समय आवागमन में भारी असुविधा हो रही है। नए बने वार्डों में तो स्ट्रीट लाइटें या तो लगी ही नहीं हैं, या बहुत कम जगहों पर लगी हैं। वहीं, पुराने वार्डों में जो लाइटें स्थापित भी की गई थीं, वे अब केवल ‘शोभा की वस्तु’ बनकर रह गई हैं।
सरकार की मुख्यमंत्री स्ट्रीट लाइट निश्चय योजना का उद्देश्य प्रत्येक वार्ड में प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करना है, ताकि दृश्यता बेहतर हो, यातायात दुर्घटनाएं कम हों, अपराध दर में कमी आए और रात में नागरिकों की यात्रा आरामदायक व सुरक्षित बन सके। यह योजना बिहार को स्वच्छ और हरित राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन चकिया में इसकी सफलता धरातल पर दिखाई नहीं दे रही है।
कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह खराब हैं, जबकि कुछ मामूली तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ी हैं, जिनका अब तक रखरखाव या मरम्मत नहीं हो पाया है। इसके अतिरिक्त, कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जहाँ अभी तक प्रकाश व्यवस्था का कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
- योजना का उद्देश्य बाधित: मुख्यमंत्री स्ट्रीट लाइट निश्चय योजना का मुख्य लक्ष्य शहरी प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाना और कार्बन उत्सर्जन को कम करना है, लेकिन खराब पड़ी लाइटों के कारण यह उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
- जिम्मेदारी का अभाव: नगर परिषद स्ट्रीट लाइटों और यातायात सिग्नलों के डिजाइन, स्थापना और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है, फिर भी खराब लाइटों की मरम्मत या नए स्थानों पर लाइट लगाने को लेकर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कर योजना के वास्तविक लाभ को जन-जन तक पहुंचाने की मांग की है।
source: dainik ujala
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